Tuesday, 2 April 2019

Chithi na koi sandes, Jagjit Singh With lyrics



चिठ्ठी ना कोइ संदेस जाने वो कौन सा देस
जहां तुम चले गए
इस दिल पे लगा के ठेंस जाने वो कौन सा देस
जहां तुम चले गए

एक आह भरी होगी, हम ने ना सूनी होगी
जाते जाते तुम ने आवाज तो दी होगी
हर वक्त यही हैं गम उस वक्त कहा थे हम कहा तुम चले गए

हर चीज पे अश्कों से लिखा हैं तुम्हारा नाम
ये रस्ते घर गालीयाँ, तुम्हें कर ना सके सलाम
हाय दिल में रह गयी बात जल्दी से छुडाकर हाथ कहा तुम चले गए

अब यादों के कांटे, इस दिल में चुभते हैं
ना दर्द ठाहरता हैं, ना आंसू रुकते हैं
तुम्हें ढूंढ रहा हैं प्यार, हम कैसे करे इकरार के हां तुम चले गए

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